Monday, May 25, 2020

ऐसे कैसे जाने भी दो यारो!

Jaane bhi do yaaro
Jaane bhi do yaaro 

जाने भी दो यारो को हम ऐसे ही नहीं जाने दे सकते। गंभीर मुद्दे, समाज के ढांचे को बर्बाद करते हैं और जाने भी दो यारो हमें ऐसे ही मुद्दों को कॉमेडी के जरिए दिखाती है। हमें सोचने पर मजबूर करती हैं। जाने भी दो यारो फिल्म साल 1983 में रिलीज हुई तब इसकी दाल नहीं गली मगर साल 2012 में दोबारा इसे रिलीज किया और इसने पैसे कमाएं।
विनोद चोपड़ा (नसीरुद्दीन शाह), सुधीर मिश्रा (रवि बसवानी) फोटोग्राफर हैं, लेकिन दुकान खोलने पर इनकी जरा भी कमाई नहीं होती। पैसे की जरूरत में ये दोनों 'खबरदार' पत्रिका की सम्पादक (शोभा सेन) के सम्पर्क में आते हैं। संपादक उन्हें बिल्डर और कमिश्नर की  जासूसी कर सबूत के तौर पर उनकी तस्वीरें लाने को कहती है। विनोद और सुधीर का ध्यान फोटोग्राफी में ज्यादा होता है, इसलिए वह बिना कुछ जाने फोटो खिंच कर ले आते हैं। शोभा समझ जाती है कि ये दोनों थोड़े बेवकूफ हैं, मगर काम के हैं। दो बिल्डरों के टेंडर हासिल करने, कमिश्नर को रिश्वत, खून, खोजी पत्रकरिता के इर्द-गिर्द घूमती कहानी को बड़े ही सहज तरीके से कॉमेडी में पिरो कर दिखाया हैं। क्लाइमेक्स से पहले, महाभारत का सीन को देख कर तो हँस हँस कर आपका पेट दर्द करने लग जाएगा। 
Jaane bhi do yaaro Om Puri
Om Puri in Jaane bhi do yaaro 

जाने भी दो यारो पत्रकारिता और प्रशासन की सच्चाई उजागर करती है। पूरी फिल्म में हँसाते हँसाते अंत थोड़ा दुखी कर देता है, लेकिन हकीकत में वही होता है जो फिल्म में दिखाया है। कुल मिलाकर, कहानी अच्छी है और उसे अच्छी तरह से दिखाया है। रंजीत कपूर, सतीश कौशिक, सुधीर मिश्रा, कुंदन शाह ने मिल कर इस फिल्म की कहानी का अच्छा वर्णन किया है। 
सिनेमाटोग्राफी भी अच्छी है। बिल्डिंग के 24 माले से लेकर पुल तक का सीन अच्छी तरह से दर्शाया है। फिल्म के अनुसार संगीत भी ठीक है। फिल्म में एक छोटी सी बेवकूफी दिखाई दी कि डिमेलो मर गया है। बिल्डर बता रहे हैं कि उन्हें दिल का दौरा आया है और मौत हो गई लेकिन हकीकत में उनका मृत शरीर बिल्डर ही खून कर पुल के यहां गाड़ देता है। जिसका शरीर गायब है और लोगों को शक भी नहीं हुआ। उसे लेकर दिल का दौरा आने से मौत होने की बात कहने वाली थोड़ी पचती नहीं, या फिर फिल्म में ये भी दिखाया जा सकता है कि डिमेलो के अंतिम संस्कार में उसकी जगह किसी और का मृत शरीर रख दिया गया है। 
नसीरुद्दीन शाह, ओम पूरी, पंकज कपूर, नीना गुप्ता, भक्ति बर्वे, सतीश शाह, सतीश कौशिक ने अच्छा अभिनय किया है। अगर आपको खूब हंसना है तो ये फिल्म देखिए, दिखाइए और खूब हँसिये। ये फिल्म आपकी उम्मीदों से ज्यादा ही आपको देगी।

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